ढाई अक्षर का शब्द है ‘प्यार’ढाई अक्षर का शब्द है ‘हल्का’जहां ‘प्यार’ है वहां मन ‘हल्का’ है जो मन ‘हल्का’ है जीवन आसान है‘माँ का प्यार’ कवितओं की किताब दे रहा माँ की भावनाओं और माँ की सेवाओं को सम्मान है रोज की भागमभाग में हर कोई चाहता मन का आराम है जब शब्दों का निचोड़ लेता हैकविता का रूप तो करता है यह नेक काम है मन है हमारा अपना ही रखना हमें इसका ध्यान है मन को छोटा बच्चा जानकर प्यार से रखना इसका मान है सकारात्मकता का देना इसे खुराक है नकारात्मक विचारों से जो रखें इसको दूर ही हम तो फिर स्वाभाविक मन का होना एकदम कूल एकदम काम है।