कवि निशान्त गहतोड़ी जी की माधवी काव्य संग्रह भावनाओं से परिपूर्ण है। स्त्री जो अनेक रूपों में हम सभी के समक्ष रहती है किन्तु हम उनकी भावनाओं से दूर रहते हैं। इस काव्य संग्रह में उन सभी भावनाओं को स्थान दिया है जो एक स्त्री के मन में होते हैं। व्यक्ति के आचरण संस्कार और उसकी शिक्षा ये सभी उसके जीवन के वो कारक हैं जो उसको उसके अभिभावक से प्राप्त होते हैं किन्तु मनुष्य को उसके भावों से मजबूत बनाने का सबसे बड़ा कारक माँ होती है जो उन भावनाओं को उस तक पहुँचाती है।