माधुर्यकादम्बिनी-ग्रंथ जगत कैल धन्य।चक्रवर्ती-मुखे वक्ता आपनि श्रीकृष्णचैतन्य।।श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती ठाकुर जी ने 'माधुर्य-कादम्बिनी'ग्रंथ की रचना कर सम्पूर्ण जगत को धन्य कर दिया है। वास्तवमें श्रीकृष्णचैतन्य महाप्रभु ही इस ग्रंथ के वक्ता हैं वे ही श्रीलचक्रवर्ती ठाकुर जी के मुख से बोल रहे हैं।