Mae Muntashir Aur Diva
Delivery Options
Please enter pincode to check delivery time.
*COD & Shipping Charges may apply on certain items.
Review final details at checkout.

About The Book

सब अपने अंदर की कला को किसी ना किसी तरीके से दुनिया के सामने ला रहे हैं। मेरे अंदर ये कोई कला कह लो या मेरे लिए कुदरत का कोई तोहफ़ा या फिर मेरे प्यार की ताकत जो मेरे अल्फाजों में इतना घुल गया कि मैंने कुछ कविताएं लिख डाली। शायद कहीं ना कहीं मेरे गुरु (मनोज मुंतशीर) जी का भी इसमें हाथ है कि लेखकों को इतनी इज़्जत मिलने लगी की अब नौजवान शायर भी अपने वजूद पर पूरी दुनिया को अपने कलम में रखने की हिम्मत रखने लगा। ऐसा नहीं की पहले इज़्जत नही मिलती थी लेकिन इस युग में ये नया जोश नए अल्फाज़ बहुत ज़रूरी थे। मैंने अपने छोटे से इस वक्त में कुछ कविताएं लिखी हैं। एक हिम्मत करके उनको आप सभी के सामने लाया हूं। मेरी पहली किताब का हर एक अल्फाज़ मेरे हर एक आंसु की बूंद से निकला हुआ है। जो शायद इतने सालों से नही कर पाया वो इस कविता संकलन के जरिए आप लोगो तक पहुंचा पाऊं।
Piracy-free
Piracy-free
Assured Quality
Assured Quality
Secure Transactions
Secure Transactions
downArrow

Details


LOOKING TO PLACE A BULK ORDER?CLICK HERE