केशव भारद्वाज एक अत्यधिक सम्मानित लेखक का जन्म बेतिया पश्चिम चम्पारण बिहार में हुआ। आपने भोजपुरी मैथिली और हिंदी भाषाओं में लेखन का अद्वितीय क्षेत्र चुना है। आपका कथा संग्रह रेडलाइट (2023) भोजपुरी में और उपन्यास चेफरी (2024) मैथिली में प्रकाशित हो चुका है। इसके अलावा आपकी हिंदी में कृतियाँ जैसे उपन्यास मैं मानिनी और प्रिया एवं यात्ना-वृत्तांत अफ्रीका - यात्ना भी प्रकाशनाधीन हैं। आपके साहित्यिक योगदान को व्यापक मान्यता प्राप्त है और आपको मिट्टी के धरोहर सम्मान - 2024 तथा अनामिका साहित्य सम्मान - 2024 जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। वर्तमान में आप नई दिल्ली जिले में दिल्ली पुलिस के साथ अपने पेशेवर दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। आपका पूर्व अनुभव विदेश मंत्रालय तथा भारतीय उच्चायोग में कार्यरत रहने का भी है जहाँ आपने प्रिटोरिया और कम्पाला में महत्त्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई। आपका लेखन न केवल उत्साहजनक मनोरंजन प्रदान करता है बल्कि समाज के विभिन्न पहलुओं पर गहन विचार प्रस्तुत करता है। आपकी कृतियाँ पाठकों को नई दृष्टि प्रदान करती हैं और साहित्य के संवाद को समृद्ध करती हैं।