मुझसे आप तक पहुँचने तक का सफर एक परिक्रमा है मेरी उस अनंत यात्रा की जो प्रेमसमर्पणस्त्रीत्व और यथार्थ के कई अनुभव समेटने के लिए निरन्तर जारी रहेगी । ये कविताओं के रूप में उकेरे वो भाव हैं जो मेरे खुद के या मेरे आस-पास घटित हुई घटनाओं के बेहद करीब हैं। किसी लड़की का इश्क़ में होना हो प्रेम में उसका ठगा जाना उसकी शारीरिक बनावट पर मिले कटाक्ष या समाज की कुरीतियां सच लिखना बहुत कठिन होता है और मेरे लिए भी कठिन रहा। कई बार हम ऐसे अनुभवों से या समाज की दकियानूसी रिवायतों से रूबरू होते हैं जब मन में टीस उठती है और फिर हिम्मत मिलती है खुद के लिए लड़ने की या कि जब कोई लड़की इश्क़ में होती है और उसमें एक सकारात्मक बदलाव आता है तब शब्द समंदर की तरह मन में बहने लगते हैं और जन्म लेती है कविता।