मैनेजमेंट गुरु राम ने विवेक संयम विनम्रता और चतुरता के बल पर अपने जीवन में अद्भुत प्रबन्धन-क्षमता हासिल की। उनके जीवन के अनेक आयाम हैं जिनमें हज़ारों रंग हैं। वे सभी को यथायोग्य मान देते हैं। वे एक अच्छे शिष्यपुत्र भाई और सच्चे मित्र हैं। धर्म के मार्ग पर चलने वाले राम सत्यवादी और अपने वचन का पालन करने वाले हैं। दूरदर्शी अहंकाररहित और कूटनीतिज्ञ होने के साथ वे सच्चे समाजवादी हैं। वे गुणाग्राहक हैं और दूसरों की उनके कार्यों के लिए खुले मन से श्रेय देते हैं।<br>राम के ऐसे ही अनेक गुणों को इस पुस्तक में उकेरा गया है। इन गुणों को अपनाकर हम अपने जीवन को बखूबी मैनेज कर सफलता प्राप्त कर सकते हैं।