विकलांगता आज गहन चिंतन का विषय है क्योंकि इनकी शिक्षाचिकित्सास्वास्थ्य तथा पुनर्वास से संबंधित कई समस्याएं हैं पिछले कई दशकों से इनकी उपलब्धियों के बावजूद भी बुनियादी सुविधाएं इनके लिए एक चुनौती बनी हुई है इस पुस्तक के माध्यम से विकलांग लोगों की प्रभावी क्षमता भागीदारी और कानूनी अधिकारों को स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है ताकि समाज में इनको भी सम्मान पूर्वक जीने का अधिकार मिले तथा यह अपने आप को अलग-थलग महसूस न करें इनके सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक विकास के लिए सरकार को भी ऐसी नीतियां लाने की जरूरत है ताकि इन लोगों में आत्मविश्वास अधिक बड़े तथा इनका जीवन ख़ुशहाल हो।