यह अत्यंत प्रसन्नता की बात है कि एक भारतीय नागरिक के विभिन्न अधिकारों के प्रति समर्पित युवा कार्यकर्ता रणधीर कुमार की यह पुस्तक मानवाधिकार : एक परिचय हमारे हाथों में है ! इस पुस्तक में लेखक रणधीर ने बाल अधिकार उपभोक्ता अधिकार नारी अधिकार सहित मानव के तमाम अधिकारों को बारीकी से विश्लेषित करते हुए अपने विभिन्न अधिकारों के प्रति जागरूक करने का जो प्रयास किया है वह सराहनीय है ! मानव समाज जैसे -जैसे परिपक्क होता है अपने अधिकारों के प्रति वह उत्तरोत्तर सजग होता जाता है किंतु अगर कर्तव्य से विमुख केवल अधिकारों के प्रति मनुष्य सजगता दिखाता है तो समाज मे अराजकता घर करने लगती है ! मानवाधिकार निसंदेह आज की तारीख में बहुत बड़ा चिंतन है और नयी चेतना एवं आधुनिकता का पैमाना भी ! यह बड़ी बात है कि युवा लेखक रणधीर ने नागरिक को अपने कर्तव्यों की भी याद दिलाई है ! सामाजिक बदलावों की दिशा में निश्चय ही यह पुस्तक कारगर सिद्ध होगी ऐसा मेरा विश्वास है ! इस उत्कृष्ट कार्य के लिए मेरी और से रणधीर कुमार को अशेष शुभकामनाएं एवं बधाई!