निर्धन अशिक्षित रूढ़िवादी परिवेश में उत्पन्न मनियां ने विपत्ति को एक अवसर के रूप में आत्म सात किया। नन्हीं नन्हीं उंगलियों से सेम की लत्ती की तरह दुबली मनियां मिट्टी के बर्तन बनाकर बच्चों के खिलौने बना कर अपना और अपनी मां का विषम परिस्थितियों में कैसे पालन पोषण किया दुख देने वालों की भीड़ में एक उदार उच्च शिक्षित साधन संपन्न ब्यक्ति भी हैं जो मनियां के जीवन में सूर्य की रौशनी बन कर प्रकाश फैला देते हैं। मनियां के संघर्ष की गाथा है मनियां फुआ।