‘मनु से मनुष्य तक’पुराणों के अनुसार सृष्टि की उत्पत्ति ईश्वर की इच्छा या परब्रह्म की लीला से हुई है। भारतीय साहित्य में पुराण एक महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। पुराणों में वर्णित अपने पूर्वजों की वंशावली को समेटकर एक जगह एकत्रित करने का प्रयास इस पुस्तक में किया गया है। यह कार्य इतना सरल तो नहीं है लेकिन प्रयास तो किया ही जा सकता है। प्रयास भी कुछ दिनों का नहीं बल्कि वर्ष से अधिक समय लगा मुझे पूरी श्रृंखला जोड़ने में कार्य अभी भी चल रहा है। मैंने आरंभ अर्थात ‘मनु’ से वर्तमान अर्थात ‘मनुष्य’ तक की श्रृंखला को जोड़ने का प्रयास किया है। इसमें मैं कितना सफल हुआ यह निर्णय आप सभी पाठकों पर छोड़ता हूँ। यह कार्य इतना सरल नहीं है मैं इस तथ्य से परिचित हूँ इसीलिए इसे कई भागों में विभाजित किया है। ये पुस्तक इस श्रृंखला की पहली कड़ी है जो आपके समक्ष प्रस्तुत है।