पिता' अपने आप में एक सम्पूर्ण शब्द है जिसके साये में हर बच्चे का व्यक्तित्व आकार लेता है। यह शब्द परिभाषित करता है उस इन्सान को जो जिम्मेदारी वहन करता है सुरक्षा प्रदान करता है बच्चे के व्यक्तित्व में सम्पूर्णता भरता है और एक रक्षक बनकर परिवार को संबल प्रदान करता है। डॉ० बलदेव सिंह सैनी एक ऐसे ही पिता थे जिनके बहुआयामी व्यक्तित्व में एक संवेदनशील समाज सेवक दयालु क्रान्तिकारी युगप्रवर्तक और जुझारू इंसान के गुण निहित थे। वह सदैव समाज के उत्थान गरीबों और जरूरतमन्दों की सेवा करना अपना परम धर्म मानते थे। पशु पक्षियों जीव जन्तुओं और प्रकृति के प्रति सहृदयी डॉक्टर सहाब का जीवन अनेकों रोचक और प्रोत्साहन प्रदान करने वाली घटनाओं का स्त्रोत रहा है। यह पुस्तक डॉ० बलदेव सिंह सैनी के व्यक्तित्व गुणों और अनुभवों का संकलन है।