इस किताब में लेखक कुमार मुकुल द्वारा लिखित बाल कहानियां हैं. यह किताब बच्चों के भोले मन और भोली चतुराइयों का भी पता देती है। फैशन के पीछे भागने शेखी बघारने छोटी-छोटी चोरियां करने बेवजह वहम करने स्वाद के लालच में पड़ने जैसे विषयों पर ये कहानियां बच्चों की व्यावहारिक समझ विकसित करने में सहायक बनती दिखती हैं। बाल कहानियों का उद्देश्य आनंद और सीख देना दोनों होता है। इन कहानियों में कोई थोपी हुई सीख नहीं है बल्कि सरल कहानियों के रूप में ये शिक्षाएं शहद लिपटी दवा जैसी हैं।