हम सभी का जीवन अनगिनत किस्से कहानियों और हादसों से भरा होता है। कुछ हमें खुशी देते हैं तो कुछ घटनाओं के कारण हमें क्रोध-आक्रोश का सामना करना पड़ता है। उस क्रोध को किसी न किसी रूप से बाहर निकलना उतना ही जरूरी है जितना इत्मीनान से सांस लेना! वरना घुटन हमारे जीवन को नीरस कर देगी। और यह घुटन निकालने के लिए इंसान के पास कोई ना कोई जरिया होना बेहद जरूरी है।