मातुंगा जंगल की अचरज भरी कहानियाँ </br>आज जब सारी दुनिया में प्रकृति और पर्यावरण की गहरी चिंताएँ छाई हुई हैं तब मातुंगा जंगल की ये अचरज भरी कहानियाँ हमें एक सुखद आश्चर्यलोक में ले जाती हैं। घुम्मी घुम्मा राज्य में स्थित खूब घना और खूबसूरत मातुंगा जंगल पास ही बसे सुगनापुर और जुगनीपुर गाँवों के सीधे- सादे और प्यारे लोग हक्कू शाह जैसे विलक्षण पशु-प्रेमी राजा तथा राजधानी टमटमपुर से मातुंगा जंगल तक चलने वाली हवा से बातें करती अद्भुत रेलगाड़ी - यह सब किसी सुखद सपने सरीखा है।</br>और फिर राजसी गौरव भरे शेर राजा बब्बू और महामंत्री धुम्मा हाथी । मातुंगा जंगल के पास बहती खूबसूरत मालिनी नदी । नदी के किनारे पर मालिंगा पहाड़ और फूलों की घाटी। ये सब मिलकर बच्चों और किशोर पाठकों के आगे ऐसी मनोरम झाँकी पेश करते हैं जिसे वे कभी भूल नहीं पाएँगे। प्रकृति और पर्यावरण के प्रति प्रेम उत्पन्न करने वाली कल्पनाशीलता से पूर्ण एक लाजवाब पुस्तक ।