मैं आपसे एक प्रश्न पूछना चाहता हूँ। उदाहरण के लिए मान लीजिये की मैंने आपको 1440 करोड़ रुपये दिए तो क्या आप लेंगे? शायद आपका उत्तर हा होगा। पर इसमें एक टूट्विस्ट है कल सुबह आप उठ नहीं पाओगे या ये पैसा किसी और - को नहीं दे पाएंगे। क्या अब भी आप ये पैसा लेंगे? शायद अब आपका उत्तर नही है । उद्देश्य ये है कि कल का आपका दिन 1440 करोड़ से भी महंगा है । सो हर दिन जो आपको मिला है इसमें मुस्कराओ और ऐसे मुस्कराओ जैसे आप 1440 करोड़ रुपये के असामी हो। क्योंकि आपका एक दिन 1440 करोड़ रुपये से भी ज्यादा महंगा है।