खामोशी जैसी व्यक्तिगत भावनाएँ एक इन्सान को क्या बना देती है आपको इस पुस्तक में मिलेगा क्योकि इस पुस्तक की कहानी संग्रह में थोड़ी सी कल्पना का भाव है थोड़ी सी सच्चाई है और शब्दों के बीच एक उलझन भी है जो आपको आप के जीवन के यथार्थ से भी अवगत कराती है 'मैं महत्वपूर्ण हूँ' कहानी की पात्र मेघना की बाते पाठकगण पढ़कर आत्मसात करेंगे ऐसी मेरी अपेक्षा है।