जैसे की हम सभी जानते हैं हम ज़िन्दगी की राहों पर चले जाते हैंकोई पढ़ाई करता है कोई व्यापार करता है फिर पैसे कमाने में सारी उम्रकब बीत जाती है पता ही नहीं चलता मेरी कलम इस सिलसिले को कविताओं के माध्यम से बयां करने की मोहताज हैं| -Kartik Dhumawat ये किताब में मोहब्बत को सिरहाने बिठाने से लेकर किसी के मोहब्बत में गुलाम बन जाने का सिलसिला है ।य तोहफा उन सब पर वार जो मोहब्बत में मिलें सारे एहसासों को बटौरकर पेश किया गया है ना कामयाब मोहब्बत को भी जीत सा बताया है । -Priyanka Chaudhary