इस पुस्तक में एक ऐसी कहानी दी गई है जो अपनी प्रेमिका से बेहद प्रेम करता है। दोनों एक दूसरे पर जान छिडकते हैं लेकिन अंतत: प्रेमिका अपने प्रेमी के पिता से शादी कर ली। इस घटना से प्रेमी की आत्मा कलप उठती है और वह अपने आप से ही प्रश्न करता है ''आखिर उसने मेरे पिता को ही क्यों चुना?''.