दोस्त-दुश्मन जानने-पहचानने वाले घटनाएं अपने आस-पास के समाज की सोच और उसकी मंशाएं यहां तक कि भवन पेड़-पौधे जीव-जन्तु कोई नहीं बच पाया खुशवंत सिंह की पैनी नज़र और तेज़-तर्रार कलम से। अपने जीवन में जो देखा अनुभव किया हरेक पर उनकी कुछ यादें और धारणाएं हैं जो इस अत्यंत रोचक पुस्तक मंे प्रस्तुत हैं। जहां एक ओर मदर टेरेसा और डाकू फूलन देवी से मुलाकातों की दास्तान है तो वहीं अपने शहर दिल्ली की शानदार इमारतों की बातें और देश में तेज़ी से बढ़ते ढोंगियों और पाखंडियों का खुलासा किया है। पढ़ना शुरू करें तो आप पन्ने पलटते ही जायेंगे... खुशवंत सिंह एक प्रख्यात पत्रकार स्तंभकार और लेखक हैं और उनकी लेखन शैली पाठकों में खासी लोकप्रिय है।