मेरी कल्पनाओं के घेरे'… मेरी इस पुस्तक में बहुत सी मौन बातें हैं जिन्हें मैंने कागज के कोरे पन्नों पर कलम की स्याही के सहारे से उकेरा है। एक शांत अकेलेपन की कोठरी है जिसमें किसी के प्रति मन में प्रेम के दीप की लौ तले अपनी जिंदगी को भीनी सी रौशनी का सहारा दे रही हूँ। मेरे प्रेम की मधुरता उसकी मासूमियत जज्बात समझ और उसकी गहराई को मैंने इस पुस्तक में संजोया है। मेरे प्रेम की यात्रा के अनुभवों की इस रौशनी में हर पाठक अपनी कहानी को कहीं ना कहीं जोड़ पायेगा।