मेरी कविता मेरे गीत ऐसा काव्य संग्रह जिसमे जीवन के सभी पक्ष एव रस सम्मिलित है। भक्ति रस से श्रृंगार रस साथ ही साथ युवाओं को सकारात्म संदेश देता है“प्रत्येक व्यक्ति में कुछ न कुछ विशिष्ट विचार या भावनाएँ अंतर्निहित होती है। हर कोई अपना विचार व भावों को भिन्न-भिन्न रूपों में समाज में रखता है जिससे कि सामाजिक पहलूओं का आंकलन होता रहे। अक्सर कवि भाव वाला व्यक्ति कुछ मनन-चिंतन करता है और उसे अपने शब्दों में व्यक्त करता है। वैसे ही मैंने अपने मन:भाव -विचार को मेरे काव्य संग्रह “मेरी कविता मेरे गीत ” में व्यक्त करने का प्रयास किया है इसमें मानवीय स्वभाव उनके विभिन्न गतिविधियों और विविध पहलुओं का समावेश है।