हिन्दी की महिला कथाकारों में कृष्णा-सोबती मन्नू भंडारी की पीढ़ी के बाद जो नाम उभरे नासिरा शर्मा उनमें अलग से पहचानी जाती हैं। कहानी के अलावा उपन्यास विधा में भी उन्होंने अपनी हैसियत बनाई है। साहित्य के साथ विश्व-राजनीति एवं सामाजिक सरोकारों से संदर्भित ज्वलंत समकालीन प्रश्नों पर भी उन्होंने प्रभूत लेखन किया है। इस संकलन के लिए उन्होंने अपनी बारह कहानियों का चुनाव स्वयं किया है।