प्रेमचंद के बाद के कथाकारों में अमृतलाल नागर का स्थान बहुत ऊँचा है और उन्हें हिन्दी साहित्य को विश्व स्तर पर ले जाने का गौरव प्राप्त है। उपन्यासों की भांति उनकी कहानियाँ भी सभी रंगों में लिखी गई हैं और बहुत पसंद की जाती रही हैं। इस संकलन के लिए उन्होंने स्वयं कहानियाँ चुनी हैं जो उनकी समग्र कथायात्रा का प्रतिनिधित्व करती हैं।