मिगमीर सेरिंग और 21 अन्य कहानियाँ नाम की इस किताब को आप तक पहुँचाने में हर्ष का अनुभव हो रहा है। यह दरअसल कहानियाँ नहीं है यह हमारे चारों ओर घटित वो बयानात है जिन्हें मैंने शब्दों से पिरोने की कोशिश की है। मिगमीर सेरिंग मेरी एक यात्रा का वृतांत है जिसमें मैं एक इंडो -तिब्बतियन सैनिक से मिला और उसके साथ वह सफर कैसे यादगार बन गया - उसको शब्दों में ढाला है। ज़िंदगी क्या दिया/क्या लिया एक शिक्षक और उसके शिष्यों की कहानी है जो उनके जुड़ाव को दर्शाती है। फिर कुछ लघु कहानियाँ है जो समाज में घटित घटनाओं की बानगी भर है और अंत में ‘नोटबंदी- एक आम आदमी की डायरी’ है जो भारतीय अर्थव्यवस्था में हुई एक महत्वपूर्ण घटना की आपबीती है।