बाल्पक्रम न केवल गारो जनजाति के लिए ही अपितु हिन्दुओं के लिए पवित्र स्थान है। ऐसा माना जाता है कि बाल्पक्रम वह स्थान है जो हिन्दू पौराणिकता से भी जुड़ा है। श्री एच. ए. मराक ने अपनी विवरणिका शीर्षक “बाल्पक्रम” में लिखा है कि हिन्दुओं के कई पौराणिक स्थानों में भगवान शिव ठाकुर का एक निवास स्थान यहाँ था और लिंग के रूप में वह पत्थर महादेव नदी की घाटी में थी। इनका यह भी विश्वास है कि बाल्पक्रम एक पवित्र पर्वत था जहाँ संजीवनी बूटी उगती थी जो जीवन की रक्षा करती है।