मिट्टी के दीये :कहानियां सत्य की दूर से आती प्रतिध्वनियां हैं: एक सूक्ष्म सा इशारा एक नाजुक सा धागा। तुम्हें खोजते रहना होगा। तब कहानी धीरे अपने खजाने तुम्हारे लिए खोलने लगेगी। यदि तुम कहानी को वैसे ही लो जैसी वह दिखाई देती है तुम उसके संपूर्ण अर्थ से ही चूक जाओगे। प्रत्यक्ष वास्तविक नहीं है। वास्तविक छिपा है. बड़े गहरे में छिपा है जैसे किसी प्याज में कोई हीरा छिपा हो। तुम उघाड़ते जाते हो उघाड़ते जाते होः प्याज की परतों पर परतें और तब हीरा उजागर होता हैओशपुस्तक के कुछ मुख्य विषय3बदुधार्मिक चित्त क्या है?सत्य की खोज में सर्वाधिक आवश्यक क्या है? महत्वाकांक्षा का मूल क्या हैमनुष्य का भय क्या हैउसकी चिंता क्या हैधर्म क्या है-जीवन क्या हैप्रेम क्या है?मन मधुकर खेलत वसन्त :जब हम ओशो के साहित्य को देखते है तो चमत्कृत रह जाते हैं क्योंकि उसमें चैतन्य है इसीलिए हमें चमत्कार लगता है। हमें लगता है कि हममें भी अभी प्राण है। उस चेतना की प्रखर लहर पर बहाते हुए वे हम ले जाते हैं यही उनका जादू है।-डॉ. बलदेव वंशी
Piracy-free
Assured Quality
Secure Transactions
Delivery Options
Please enter pincode to check delivery time.
*COD & Shipping Charges may apply on certain items.