चोर हूँ!! आपके एहसास चुराकर अफसाने लिखता हूँ<br>ये लाइन अक्सर दोहराने वाले ''मृदल कपिल'' तेजी से चर्चित होते युवा लेखक हैं। युवाओं एवं गम्भीर वर्ग के पाठको में ये अपने बेबाक और निष्पक्ष लेखन की वजह से एक अलग पहचान रखते हैं।<br>इससे पहले मृदल के दो कहानी संग्रह ''चीनी कितने चम्मच''<br>''कानपुर की घातक कथाएँ 1'' (आंचलिक कहानी संग्रह)<br>न सिर्फ पाठकों के बीच अत्यंत लोकप्रिय रहा बल्कि अब तक चर्चा में हैं। हाल के वर्षों में मृदल का रुझान रंगमच की तरफ भी रहा है। इनके लिखे एवं मंचित कई नाटकों ने दर्शकों को काफी प्रभावित किया है।<br>मुदल आजकल किस्सों-कहानियों और उपन्यास के अतिरिक्त कई सारे ओ.टी.टी. चैनल्स के लिए फ़िल्में और वेब-सीरीज लिख रहे हैं। उम्मीद हैं कि जल्द ही इनका लेखन पर्दे पर भी दिखेगा।