प्रस्तुत कहानियों की भाषा में गज़ब का सधाव ही नहीं एक शास्त्रीय अनुशासन भी है। अधिकांश कहानियों की कथाभूमि शहरी मध्यवर्ग से संबद्ध है। इन कहानियों को स्व. मोहन राकेश की धर्मपत्नी अनीता राकेश के निर्देशन में संपादित किया गया है। इस संग्रह की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इन्हें मूल पाठ के साथ दिया गया है।.