‘मोनिया- ऐसा बच्चा थे महात्मा गांधी’महात्मा गांधी की चश्मा पहने और लाठी लिए हुए वाली तस्वीर भारत देश का बच्चा-बच्चा जानता है लेकिन उनके बचपन की भौतिक और वैचारिक तस्वीरों के बारे में कम ही लोग जानते हैं। किसी भी व्यक्ति के बचपन को जानना उसके जीवन की असल यात्रा को जानना होता है। गांधी जी जब बच्चे थे तब कैसे थे? क्या-क्या करते थे? किस प्रकार के विचार रखते थे? किस प्रकार के सवाल उनके मन में आते थे? किस प्रकार की समस्याओं का सामना उन्हें करना पड़ा था? ये सब इस नाटक का हिस्सा है जिसका नाम है 'मोनिया- ऐसा बच्चा थे महात्मा गांधी’। सामाजिक और राजनीतिक विश्वासों और मूल्यों को अपनाने या न अपनाने की निरंतर सामने आती दुविधाओं का 'मोनिया' नाम का बच्चा किस तरह सामना करता है ये नाटक में दिलचस्प ढंग से बताया गया है। कई लोग कहते हैं- 'गांधी पैदा तो भारत में हुए थे लेकिन महात्मा अफ्रीका में बने थे'। ये नाटक पढ़कर आपको अगर ये लगे कि 'गांधी जी का जन्म तो भारत में हुआ ही था और उनके महात्मा होने के बीज भी भारत में ही पड़ गए थे' तो कोई आश्चर्य नहीं।