यह सत्य है कि रत्न धारण करने से अनेक असाध्य रोग व बीमारियां मिट जाती हैं। दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदला जा सकता है। प्रतिकूल ग्रह-गोचरों को अनुकूल बनाया जा सकता है। अर्थात सभी प्रकार की उन्नति के लिए रत्न धारण करना अत्यंत श्रेयस्कर माना जाता है। रत्न हमें शुभ-अशुभ कार्य होने का पूर्वानुमान भी कराते हैं। ये रत्न जाति धर्म संप्रदाय से हटकर सभी मानव को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं। नौ रत्नों में मूंगे का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। कहा जाता है कि मूंगा धारण करने के बाद शुभ-अशुभ घटनाओं का पूर्वाभास हो जाता है भयानक व डरावने स्वप्न नहीं आते अनिष्ट से बचाता है। करंट लगने पर भी मानसिक भय नहीं रहता। भूत-प्रेम बाधा समाप्त हो जाती है। पराक्रम में वृद्धि होती है। उत्साह और उन्नति का दूसरा नाम मूंगा.....