यह पुस्तक आपको न सिर्फ मृत्यु का दर्शन करवाती है बल्कि मृत्यु और मृत्यु उपरांत जीवन इस विषय पर समझ भी प्रदान करती है। मृत्यु एक ऐसा विषय है जिसके बारे में हर इंसान के मन में कई तरह के सवाल होते हैं और वे सवाल न सुलझने की वजह से वह हमेशा डर-डरकर जीवन जीता है। उसे इस विषय के बारे में ज्यादा ज्ञान नहीं होता और वह कभी इस बारे में खोज करने की कोशिश भी नहीं करता। बचपन से जो मान्यताएँ उसके मन में डाल दी गई हैं वह उन्हीं मान्यताओं के आधार पर कई बातें मानकर और डर-डरकर जीवन जीता है। प्रस्तुत पुस्तक से मृत्यु की सही समझ पाकर महाजीवन की यात्रा का शुभारंभ करें।