पेशे से सोफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर युवा हिन्दी/अंग्रेज़ी लेखक डॉ. बी.के. रंजेश राय का जन्म बिहार के बेगूसराय जिले में स्थित रजौडा ग्राम में हुआ। इनकी प्रारंभिक शिक्षा रजौरा और बेगूसराय के से ही पूरी हुई है। तत्पश्चात् इन्होंने अपनी आगे की पढ़ाई स्नातक (मैकेनिकल) स्नातकोत्तर (मैकेनिकल) जवाहर लाल नेहरू टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी काकीनाडा से की है। साथ ही स्नातकोत्तर (अंग्रेज़ी) आचार्य नागार्जुन यूनिवर्सिटी गुंटुर आंध्र प्रदेश एवं स्नातकोत्तर (मूल्य शिक्षा और अध्यात्म) अन्ना मलाई यूनिवर्सिटी मदुरै तमिलनाडु से पूरी की है। इसके अलावा इन्होंने ज्ञान-विज्ञान मनोविज्ञान-दर्शन कानून-साहित्य ज्योतिष और वास्तुशास्त्र का भी गहन अध्ययन किया है और इसके विशेषज्ञ भी हैं। वर्तमान समय में ये डॉक्टरेट की पढ़ाई कर रहे हैं। हैदराबाद तेलंगाना में पेशे से सोफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर हैं। माउंट आबू राजस्थान में साइंटिस्ट्स और इंजीनियर्स विंग्स के सदस्य भी हैं। अंग्रेजी में लिखी बारह से ज़्यादा पुस्तकों के प्रख्यात लेखक और कवि हैं। इसके अलावा इन्होंने हिन्दी साहित्य में भी अनेक पुस्तकें लिखी हैं जिनमें ''मूल्यरथ हीरे तुल्य जीवन'' ''नशामुक्ति छोड़े तो छूटे'' आदि प्रमुख हैं। सांझा संकलन जैसे जज़्बात-ए-दिल स्त्री माँ एंहांकेटेड हार्ट ए पिंच ऑफ स्टार्स लव इज ब्लाइंड व्हिस्परिंग विंग्स आदि पुस्तकों में भी इनकी रचनाएँ प्रकाशित हुई हैं।