यह पुस्तक फ्रांस के प्रसिद्ध कहानीकार मोपासाँ की कहानियों का हिन्दी रूपांतरण है। दुनिया के महान कथाकारों में मोपासाँ का नाम बड़े आदर से लिया जाता है। अद्भुत कलापूर्ण कुशलता के साथ वे अनपेक्षित ढंग से कहानी समाप्त कर पाठक को हैरान कर देते हैं। उनकी कहानियों में अपने समय के सामंतीय समाज उनके रीति-रिवाज नौकरशाही पारिवारिक ढाँचा और स्त्री-पुरुषों के बदलते सम्बंधों का मार्मिक चित्रण मिलता है।