नरक का मार्ग अनमेल विवाह की विभीषिका से उत्पन्न नारी की भयावह स्थिति की ओर दृष्टिपात करती है। कहानी की नायिका का विवाह एक ऐसे व्यक्ति के साथ होता है जो किसी तरह खरा नहीं उतरता। पीड़ित होकर वह आत्महत्या करने निकलती है लेकिन समाज के दरिंदों हुस्न फरोशों के चंगुल में फंस जाती है। इसी के साथ इस संग्रह में प्रेमचंद की अन्य श्रेष्ठ कहानियां भी दी गई हैं।