यह कहानी है दो महिलाओं के संघर्ष की एक महिला सहकर्मी है तो दूसरी धर्मपत्नी। सहकर्मी के द्वारा झूठे आरोप में फंसाए गए पति को बचाने के लिए पत्नी को बड़े ही विचित्र तरीके से एक ऐसी तरकीब मिलती है जो उसके पति को तो बचा लेगा पर उसे दुनिया के सामने शर्मिंदगी झेलनी पड़ेगी। फिर पत्नी ने क्या किया? क्या उसने उस तरकीब को अपनाया पति को बचाने के लिए? कैसे उसे वह तरकीब मिली? इतना भी हैरान न हों बस पढ़ डालिए इस लघु उपन्यास को। एक ही बैठक में इसे पढ़ डालने को विवश हो जाएंगे आप।.