इस पुस्तक के माध्यम से लेखक द्वारा यह प्रयास किया गया है कि 'नाथ समप्रदाय' के कितने उपकार व कितना बड़ा योगदान भारतीय संस्कृति में है क्या-क्या योगदान मानव के उत्थान में है कहां-कहां तक नाथों का विस्तार रहा नाथों की परम्पराओं- हठयोग मंत्रयोग तंत्रयोग आदि योगदान क्या है? नाथ सम्प्रदाय की संस्कृति नियम सिद्धांत मर्यादाएं क्या हैं? नाथों का आचार-व्यवहार क्या है आदि को बताने का प्रयास किया गया है। प्रकृति व माया जगत का नाथों से संबंध नवनाथों का स्वरूप नवनाथों की साधना नवनाथ तंत्र नवनाथ व षट्चक नाथ सम्प्रदाय फैलाव जोगी टीला व इसकी महत्ता नाथ रचनाओं को संजोकर रखने वाला सबसे बड़ा पुस्तकालय नाथों का उद्घोदन 'आदेश' दीक्षा व आदेश से निष्कासन का स्वरूप नाथों के प्रमुख मठ आदि नाथों का प्रमुख साहित्य यथा- साबर तंत्र जगत उत्पत्ति व सृष्टि उत्पत्ति दर्शन पर सबसे प्रमाणिक रचना-सिद्धसिद्धांत पद्धति योगबीज गोरखवाणी गोरक्ष गीता नाथों का नर्मदा नदी मसला नाथों व आदि शंकराचार्य संबंध जजमानी प्रथा नाथों के प्रसिद्ध स्थल व केन्द्र गोरखपीठ अस्थल बोहर गंगा मेडी कादरी मठ आदि को जानने में आपको यह पुस्तक मददगार साबित होगी। इनके साथ-साथ नाथों का योग विद्या के उत्थान में योगदान हठयोग के प्रवर्तक व संस्थापक कुण्डलिनी योग मंत्र योग प्राणिक चिकित्सा मनोवैज्ञानिक चिकित्सा स्वास्थ रोगोपचार में योगदान नाथ सम्प्रदाय में गुरू गुरू शिष्य परम्परा नाथ सन्यास दीक्षा दीक्षा स्वरूप नाथ सन्यास की योग्यता नाथ सन्यासी के कर्तव्य 'आदेश' शिक्षा व स्वास्थ प्रदान करना ही है नाथ सम्प्रदाय ।