नौशाद साहब के बारे में क्या कहूं?- वे एक बहुत अच्छे संगीतकार थे बल्कि महान संगीतकार थे। उनकी मौसीक़ी हमेशा आकर्षित करती है। वे बहुत अच्छे इंसान भी थे। उनके बनाए सारे गाने बहुत अच्छे और लोकप्रिय रहे हैं। - देवानंदनौशाद साहब की ख़ूबी यह रही कि लोकगीतों को उन्होंने बहुत ख़ूबसूरती से पेश किया। शास्त्रीय संगीत की बंदिशों को इतने आसान तरीके से ढाला कि आम आदमी भी समझ ले। उन्होंने जो हम सबको दिया वह बहुत बड़ी ख़िदमत है पूरे भारत की । उनके सारे गाने घरेलू हैं आप घर में सुन सकते हैं सबके साथ । - खय्यामयह कहानी है लखनऊ के उस ज़र्रे की जिसने बता दिया कि ज़र्रे आफ़ताब कैसे बना करते हैं। हमने सिर्फ़ कहानियों में पढ़ा और सुना है ध्रुव के बारे में जो एक दिन सितारा बन गया और आज भी आकाश में अटल-अडिग टिमटिमाता है। शायद उसी से प्रेरणा लेकर नौशाद साहब ने भी दिखा दिया कि कैसे होते हैं वे ज़र्रे जो आफ़ताब बनने की ताक़त रखते हैं और अपनी रौशनी से पूरी दुनिया को मुनव्वर कर देते हैं।हुएलेखक ज़िया इमाम से नौशाद साहब से जुड़ी खट्टी-मीठी यादों को इतने ख़ूबसूरत और बेहतरीन अंदाज़ में पेश किया है कि इन पन्नों को पलटते नौशाद साहब के बारे में बहुत कुछ जानने के साथ ही हम-आप उनके संग एक जिंदगी भी जी लेते हैं।