यह किताब कलम परिवार (काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के छात्रों का कला से जुड़ा एक समूह) के लेखकों के कविताओं का पहला संकलन है। कलम परिवार लेखन के छेत्र में विगत 3 वर्षों से कार्यरत है और आप लोगों तक फेसबुक एवं इंस्टाग्राम के माध्यम से अपने लेखकों की कविताएं पहुंचाता आया है। इस किताब को लिखने का उद्देश्य विलुप्त होते कविताओं के युग में कविता की आत्मा को जीवंत रखना है। कलम परिवार अपने सभी लेखकों का शुक्रगुज़ार है जिन्होंने अपनी कविताएँ देकर इस किताब को संभव बनाया। उनके सहयोग के बिना ये मुमकिन नहीं था। साथ ही कलम परिवार उन सब का शुक्रगुज़ार है जिनके छोटे-बड़े सहयोग से आज कलम परिवार इस मुकाम पर पहुंच पाया है। कलम परिवार मानता है कि कविताएं अंतर्मन की आवाज़ होती हैं और इसलिए कविता खराब या अच्छी नहीं हो सकती बशर्ते आपने कविता लिखने में कोई बेइमानी ना की हो। इस किताब में लिखी सभी कविताएं अंतर्मन की गहराइयों से लिखी गई है। आशा है आप सब को पसंद आयेगी।