नज्मों में अफ़साने में लिखे गये कविताओं को लेखक ने देवनागरी सामान्य हिन्दी भाषा और उर्दू शब्दों को अपनी शैली मे कविताओं में पिरोने की कोशिश की हैं। कविताओं के माध्यम से वर्तमान काल और कुछ पूर्व काल के परिदृश्य को सोचते हुए मनुष्य जीवन के रोज़मर्रा ज़िंदगी के इर्द-गिर्द में हुई घटनाओं पर आधारित अफ़सानो को लिखने का प्रयास किया हैं। जो किसी भी व्यक्ति के जीवन के सुख दुःख अच्छे बुरे स्नेह घृणा और छोटे बड़े से जुड़े हुए है। लेखक का अपनी नज्मों में अफ़साने” को पाठकों के मध्य प्रस्तुत करने का यह पहला प्रयास है।