‘‘मैं वीनज़ मार्ग पर निकल गया उसी रात की तरह। यह रास्ता अभी भी अंधकारमय था। शायद वहाँ पर बिजली में कोई गड़बड़ी थी। मुझे उस बार या रेस्तरां की तख़्ती चमकती हुई नज़र आ रही थी लेकिन रोशनी इतनी कमज़ोर थी कि सड़क के मोड़ से एकदम पहले खड़ी एक गाड़ी का सांवला सा ढेर मुश्किल से ज़ाहिर हो रहा था। जब मैं वहाँ पहुँचा मेरे दिल में हूक सी उठी। मैं वह हल्के नीले रंग की फ़ीएट गाड़ी पहचान गया। वास्तव में यह कोई आश्चर्य नहीं था उसके मिल जाने की उम्मीद मैंने कभी छोड़ी ही नहीं थी।’’ इसी पुस्तक से 2014 में साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित विश्वस्तरीय फ्रांसीसी लेखक पाट्रिक मोदियानो की गिनती इक्कीसवीं सदी के महत्त्वपूर्ण लेखकों में की जाती है। अब तक पाट्रिक मोदियानो की तीस से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। वे उन गिने-चुने लेखकों में से हैं जिनको आलोचकों और पाठकों दोनों के बीच समर्थन और लोकप्रियता मिली है। फ्रांस में उन्हें साहित्य में योगदान के लिए 2010 में Prix Mondial Cino Del Duca पुरस्कार 2012 में Austrian State Prize for European Literature से सम्मानित किया गया। उनकी कृतियाँ विश्व की 30 भाषाओं में अनूदित हो चुकी हैं। इस पुस्तक की अनुवादक मोनिका सिंह पिछले बाइस वर्षों से फ्रेंच भाषा के अध्यापन और अनुवाद से जुड़ी हुई हैं। उनके द्वारा अनूदित पाट्रिक मोडियानो का यह चैथा उपन्यास है।