यह पुस्तक मनुष्य जीवन के जन्म से मृत्यु तक की जीवन यात्रा पर वास्तविक जीवन से प्रेरित होकर लिखी गई है। वर्तमान दौर AI का है लेकिन वो इंटेलिजेंस है तो आर्टिफ़िशियल ही और उसे मनुष्य ने ही बनाया है किन्तु मनुष्य के पास जो दिमाग है वह उसकी ओरिजिनल इंटेलिजेंस है जो ईश्वर ने बनाई है। उसकी मौलिक बुद्धिमत्ता ही उसे जीवन के हर महत्वपूर्ण पड़ाव में काम आती है। इस पुस्तक के सारे विषय मनुष्य की बुद्धि अर्थात मानसिकता एवं मनोविज्ञान से ही जुड़े हुए हैं। इसमें लिखी गई बातों तर्कों विचारों को सभी को अपने जीवन में अपनाना चाहिए इससे उनका दिमाग विकसित होगा गलत मानसिकता बदलेगी दृष्टिकोण बदलेगा व्यक्तित्व विकास होगा और वे मन को स्थिर एवं मजबूत स्थिति में रख पाएंगे। यह पुस्तक हर इंसान को विपरीत परिस्थितियों से लड़ना सिखाती है और उनका स्वयं से परिचय कराती है। AI हमारी कुछ कामों में ही सहायता कर सकता है एवं हमारा समय बचाता है जबकि ओरिजिनल इंटेलिजेंस हमें जीवन के हर पड़ाव में काम आती है। आपने वित्त प्रबंधन धर्म ज्ञान विज्ञान मनोविज्ञान गणित मस्तिष्क की अवधारणा या अन्य किसी भी विषय पर कई किताबें पढ़ी होंगी। यह पुस्तक सभी विषयों के मूल सिद्धांतों पर आधारित है जिसे कोई भी मनुष्य जब भी पढ़ेगा इसमें वह स्वयं को पायेगा क्योंकि वह हर आयु में हर स्थिति में परिस्थिति में विचारों से समय से स्वयं की मानसिकता से आदतों से परिचित हो चुका होगा। यह पुस्तक किसी काल्पनिक कहानी या स्त्रोतों पर आधारित नहीं है बल्कि वास्तविक जीवन से प्रेरित एवं अनुभवों का संग्रह है।