जीवित मंदिर-: सहज का अर्थ होता है कि हवा-पानी की तरह हो जाए।जीच में बुद्धि से बाधा न डालें।जो हो रहा है उसे होने दें। जो है उससे भिन्न होने की कोशिश मत करें।जो है उसे स्वीकार कर लें।जो है उसे जानें और जीएं।और इस जीने जानने और स्वीकार से आएगा परिवर्तन म्यूटेशन बदलाहट।और यह बदलाहट आपको वहां पहुंचा देगी जहां परमात्मा है।संभावनाओं की आहट-: यहां मेरे संन्यासी इसी काम में लगे हैं। उन्होंने चखा है वे तुम्हें भी चखने का आमंत्रण दे रहे हैं। उनके निमंत्रण को स्वीकार करो। पीओ! पिलाओ! जीओ और इस मुरदा हो गये देह को जिलाओ । यह कोई मंदिर नहीं है। यह कोई मस्जिद नहीं है। यह तो मैकदा है।
Piracy-free
Assured Quality
Secure Transactions
Delivery Options
Please enter pincode to check delivery time.
*COD & Shipping Charges may apply on certain items.