हिन्दी काव्य मंचों की प्रतिष्ठित एवं लोकप्रिय कवयित्री डॉ. कीर्ति काले किसी परिचित की मोहताज नहीं हैं। विगत तीस वर्षों से निरन्तर देश विदेश में अपने मौलिक गीतों ग़ज़लों छन्दों एवं अन्यान्य विधाओं की कविताओं से असंख्य श्रोताओं का दिल जीतने वाली डॉ. काले एक मात्र ऐसी कवयित्री हैं जो सभी रसों में लिखती हैं एवं मंचों से प्रस्तुत भी करती हैं। शिष्ट एवं विशिष्ट शैली में मंच संचालन करने में भी इन्हें महारथ हासिल है। प्रस्तुत पुस्तक के माध्यम से इन्होंने गद्य व्यंग्य के संसार में दृढ़तापूर्वक कदम रखा है। इनके व्यंग्य लेख विशिष्ट से लेकर जन सामान्य में लोकप्रियता प्राप्त कर चुके हैं। About the Author पिता - श्री सुधाकर रामकृष्ण भागवत माता - श्रीमती रत्न प्रभा सुधाकर भागवत पति- श्रीकान्त श्रीकृष्ण काले जन्म तिथि- 23.11.1968 जन्म स्थान- ग्वालियर मध्यप्रदेश शिक्षा-पी-एच.डी. हिन्दी जीवाजी विश्वविद्यालयग्वालियर मध्य प्रदेश प्रकाशन - हिरनीला मन (गीत संग्रह) समकालीन कवयित्रियाँ लोकप्रिय कविताएँ (विविध कविताएँ) बातों बातों में (साक्षात्कार संग्रह) कवि सम्मेलनों के जोक्स (चुटकुला संग्रह) जा रहा हूँ दूर इतना (सम्पादित स्मृति ग्रन्थ) स्वर एहसासों के (समवेत संकलन) अनेक समवेत संकलनों एवं प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में कविताएँ और व्यंग्य लेख प्रकाशित। साहित्यिक सक्रियता - आकाशवाणी दूरदर्शन एवं अनेक टीवी चैनलों देश विभिन्न काव्यमंचों से निरन्तर गरिमामय काव्य पाठ मंच संचालन एवं कवि सम्मेलन संयोजन दिल्ली के लालकिले से अनेक बार काव्यपाठ का गौरव । साहित्यिक विदेश यात्राएँ - अमेरिका इंग्लैंड कनाडा पोलैण्ड थाईलैंड इंडोनेशिया मिस्त्र सिंगापुर दुबई फुजैराह ट्रिनिडाड सूरीनाम नॉर्दन आईलैण्ड स्कॉटलैंड आदि देशों के विभिन्न शहरों में अनेक बार काव्यपाठ भारत की संसद के केन्द्रीय कक्ष में काव्यपाठ एवं मंच संचालन। पुरस्कार एवं सम्मान - राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कार एवं सम्मान प्राप्त । सम्पर्क - बी 702न्यू ज्योति अपार्टमेंट सैक्टर 4 प्लॉट नंबर 27 द्वारका नई दिल्लीपिन कोड-110078 मोबाइल- 9868269259 9810098188 ईमेल - kirti_kale@yahoo.com