पाखी एक छोटी सी चिड़िया ‘गौरैया’ जो पगडंडी में निवास करती है उसे बाहर की दुनिया का कोई ज्ञान नहीं होता वह चिड़िया पगडंडी से निकलकर लोगों से मिलती है। धीरे-धीरे अपनी पहचान बनाती है और उड़ान भरती है। साथ ही अपनी उस पगडंडी को भी पहचान दिलाती है। यदि मैं अपनी बात करूँ तो मैं एक बहुत छोटी सी जगह से आती हूँ। वहाँ लोगों के बहुत छोटे सपने हैं उस पगडंडी से निकली पूनम ‘पाखी’ के रूप में उड़ान भरने के लिए प्रयासरत है। तो ये काव्य संकलन उन सभी पाठकों को लिए जो किसी पगडंडी से निकलकर उड़ान भरना चाहते हैं। उन्हें मैं बोलना चाहूँगी कि पगडंडी की पाखी अवश्य पढ़ें। -------- डिप्टी कलेक्टर (SDM Maholi Sitapur) के पद पर सीतापुर जिले में तैनात युवा हिन्दी लेखिका पूनम भास्कर ’पाखी’ जिला फ़र्रुखाबाद से ताल्लुक़ रखती हैं। पूनम भास्कर श्री रामऔतार भास्कर व श्रीमती विमला देवी भास्कर की पुत्री हैं।