प्रशांत रमण रवि की कविताओं को पढ़ना कविता के जादू को अनुभव करना है। उनकी कविताओं में शब्द कविता को महसूस करने में न तो बाधा बनते हैं न ही कविता की सुंदरता को कम करते हैं। ये कविताएं हमें न तो शब्दों के मायाजाल में उलझाती हैं न ही सतही तौर पर गुदगुदाती हैं। ये कविताएं हमें बताती हैं कि अच्छी कविता का अर्थ शब्दों के संयोजन का कलात्मक कौशल भर नहीं है। प्रशांत के रचना संसार का एक और उजला पक्ष है इसका विस्तार। मन की गहराइयों से ब्रह्मांड के रहस्यमयी विस्तार तक एक सी उड़ान भरती ये कविताएं पहाड़ी नदी सी निश्छल हैं और सागर सी गहरी भी। इन कविताओं का जादू बार बार आपको अपनी ओर खींचेगा और हर बार आपका मन करुणा और संवेदना से भीग जाएगा। इन कविताओं में फूल उगते हैं चांदनी उतरती है और सपने जन्म लेते है और हमारी यह दुनिया थोड़ी और सुंदर हो जाती है। :: श्री राकेश कंवर (शिक्षा सचिव हिमाचल प्रदेश)