मेरा लिऽना देश में किसानों की आत्महत्याओं को रोक नहीं सकता मेरे लिऽने से देश में हत्या और बलात्कार जैसे जघन्य अपराध नहीं रुक जाएंगे। मेरे लिऽने से देश में पसरी अव्यवस्था ऽत्म नहीं हो जाएगी। इन सबके बावजूद अगर मैं कहानियाँ लिऽता हूँ तो यह चाहता हूँ कि मेरे भीतर पसरी बेचैनी थोड़ी कम हो जाए और इन बुराइयों का विरोध मैं अपने विचारों के माध्यम से कर सकूं। इन बुराइयों के विरोध से उपजा मेरा लेऽन उस बीज की तरह है जिसमें किसी दिन पेड़ बनने की संभावना मुझे नजर आती है। मेरे लिए मेरा कहानी लिऽना मेरे भीतर की मनुष्यता को बचाए रऽने का एक उद्यम भी है। कहानियाँ लिऽते हुए मुझे दो दशक से अधिक हो गए। मेरी कहानियों का यह चौथा संग्रह है पर आज भी लगता है कि मैंने कहानी लिऽने की शुरुआत ही की है। कहानी लेऽन एक ऐसी विधा है जिसमें लेऽक जीवन भर सीऽता है।