यह पुस्तक 'पाकिस्तान की हकीकत से रू-ब-रू' वहां रहने वाले उन भारतीय नागरिकों की समस्या और शोषण की एक जीती-जागती तस्वीर है। पाकिस्तान जम्मू__कश्मीर की जमीन चाहे वह 'आजाद कश्मीर' के नाम से हो या गिलगित-बाल्टिस्तान के नाम से शोषण की ज्वलंत तस्वीर है।<br>श्री सतीश वर्मा जी शुरू से ही क्रांतिकारी सोच के पत्रकार रहे हैं और बड़ी कर्मठता से संघर्ष करते रहे हैं। मुझे खुशी है कि उनकी कलम भी उसी भाव के साथ निडरता से चल रही है।