Panchamrita
Hindi


Delivery Options
Please enter pincode to check delivery time.
*COD & Shipping Charges may apply on certain items.
Review final details at checkout.

LOOKING TO PLACE A BULK ORDER?CLICK HERE

About The Book

कविता तीन अक्षरों से बना एक छोटा सा शब्द। पर क्या वास्तव में इतना ही छोटा है इसका आकाश। अगर इसके आकाश को नापना है तो याद करिये बुंदेले हरबोलों के मुंह हमने सुनी कहानी थी.......... सुभद्रा कुमारी चौहान जी की यह कविता 1857 के गदर की पूरी दास्तान को मानस पटल पर जस का तस उतारने में सक्षम है जैसे चित्रपट पर कोई रील चल रही हो। वन्दे मातरम आज हमारा राष्ट्र गीत है। वन्दे मातरम मतलब मातृभूमि का पूजन और ये बात जब अंग्रेजों को पता चली तो उनकी नींदें उड़ गयीं। उन्हें लगा कि ये कविता जनमानस में देशभक्ति का सैलाब ला देगी और उससे निपटना दुष्कर होगा। ये है ताकत कविता की। कविताओं में विभिन्न रस होते हैं। इन सभी रसों पर कविता लेखन करना शायद किसी विरले से ही संभव हो सकता है क्योंकि कविता मन के नैसर्गिक भावों के बहाव को लयबद्ध करने का नाम है और एक मन की तलहटी में समस्त भावों का होना जिनमे कई एक दुसरे के विपरीत भी हो सकते हैं शायद ही संभव हो। मेरे इस काव्य संकलन में मैंने प्रयत्न किया है पांच रसों को संजोने का। श्रृंगार रस वीर रस करुणा रस भक्ति रस और वात्सल्य रस में भीगी कविताओं का ये संग्रह पंचामृत आपके हृदय के द्वार खटखटा पाए तो में अपना ये छोटा सा प्रयास सार्थक समझूंगा .............. जय जय
Piracy-free
Piracy-free
Assured Quality
Assured Quality
Secure Transactions
Secure Transactions
Fast Delivery
Fast Delivery
Sustainably Printed
Sustainably Printed
downArrow

Details