यह उपन्यास आधुनिकता के मोहजाल में फंसे चरित्रो की अदभुत कहानी है। उन्मुक्त जीवन जीने का लोभ आज भारतीय युवा वर्ग में भी तीव्रता से बढ़ रहा है और वह चकाचौंध में लिप्त होकर अपनी असलियत भूलते जा रहे हैं। और इसी सचाई को एक रोचक कथानक में गूंथकर लेखक ने इस उपन्यास में प्रकट किया है।.